स्पेन ने 16 साल बाद किया कमाल, कुछ इस तरह तोड़ा फ्रांस के FIFA वर्ल्ड कप फाइनल के टिकट का सपना

FIFA World Cup 2026 Semifinal

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FIFA World Cup 2026 Semifinal: बुधवार, 15 जून को डलास स्टेडियम में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से मात दे दी. इस शानदार जीत के साथ स्पेन दूसरी बार फाइनल में प्रवेश कर गया. इससे पहले उन्होने 2010 में नीदरलैंड्स को हराकर फाइनल जीता था.

फ्रांस के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में स्पेन के दो हीरो मिकेल ओयारजाबल और पेड्रो पोरो रहे. ओयारजाबल ने 22 मिनट में पेनल्टी को गोल में बदलकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई. उसके बाद पेड्रो पोरो ने 58वें मिनट में दूसरा गोल करके टीम की लीड दो गुनी कर दी.

सेमीफाइनल में चौथी हार

फाइनल विसल बजते ही स्पेनिश खिलाड़ियों में खुशी की लहर दौड़ गई और फ्रांसीसी टीम के लिए यह निराशाजनक पल था. ये वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में फ्रांस की आठ बार की मौजूदगी में चौथी हार थी. इसके अलावा, यूरो 2024 (2-1) और नेशंस लीग 2025 (5-4) के बाद किसी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में स्पेन के हाथों यह उनकी लगातार तीसरी हार थी.

छठी बार क्लीन शीट

इस टूर्नामेंट में स्पेन ने सात मैचों में छठी बार 'क्लीन शीट' दर्ज कराई, यानी की उन्होंने विरोधी टीम को एक भी गोल नहीं करने दिया. जारी टूर्नामेंट में स्पेन ने अब तक सिर्फ एक गोल खाए हैं. वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के लिए सबसे कम गोल खाने का रिकॉर्ड दो गोल का है, जो फ्रांस (1998), इटली (2006) और खुद स्पेन (2010) के नाम है.

फ्रांस का अगला मुकाबला

अब फाइनल में स्पेन का मुकाबला इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल मैच के विजेता से न्यू जर्सी स्टेडियम में होगा. वहीं फ्रांस की टीम अब 19 जुलाई को तीसरी पोजीशन के लिए दूसरा सेमीफाइनल हारने वाली टीम से खेलेगी, जहां एम्बाप्पे के पास एक और 'गोल्डन बूट' जीतने की अपनी उम्मीदों को बढ़ाने का मौका होगा. अभ तक उनके नाम कुल 8 गोल हैं.

 

वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में फ्रांस की आठ बार की मौजूदगी में यह चौथी हार थी (AP)

स्पेन ने 2010 वर्ल्ड कप वाला जोश फिर से हासिल किया

स्पेन के कोच लुइस डे ला फुएंते ने कहा कि उनकी टीम सही समय पर अपने सबसे अच्छे फॉर्म में पहुंची है. मैच के बाद उन्होंने कहा, 'हमने लगभग चार साल पहले एक सोच के साथ शुरुआत की थी और हम उस सोच पर अडिग रहे, और उसी ने हमें यहां तक पहुंचाया है. आज हमारा सामना दुनिया की सबसे अच्छी राष्ट्रीय टीमों में से एक से था, लेकिन उनके सामने दुनिया की सबसे अच्छी टीम थी. ये खिलाड़ी हर चीज के हकदार हैं, उन्होंने दिन-ब-दिन अपना कमिटमेंट, एकजुटता, उदारता और टैलेंट दिखाया है. वे मुश्किल चीजों को भी आसान बना देते हैं. मैं एक खुशहाल ड्रेसिंग रूम और अपने पीछे पूरे देश का समर्थन देख रहा हूं. हमने 2010 वाला जोश फिर से हासिल कर लिया है. इस टीम का जज्बा इस बात से साफ झलकता है कि जो खिलाड़ी मैच नहीं खेले, वे भी मैच के बाद ट्रेनिंग के लिए रुके रहे.'

अपने तरीके से न खेलने का खामियाजा भुगता

वहीं फ्रांस के कोच डिडियर डेसचैम्प्स ने माना कि उनकी टीम अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से काफी नीचे थी और उन्हें अपने खतरनाक अटैकिंग गेम को न खेलने का खामियाजा भुगतना पड़ा. मैच के बाद डेसचैम्प्स ने कहा, 'जाहिर है कि हम बहुत निराश हैं. हमारा लक्ष्य फाइनल में पहुंचना था, लेकिन हमें यह मानना ​​होगा कि स्पेन ने मैच पर पूरी तरह से नियंत्रण बनाए रखा. खिलाड़ी बहुत दुखी हैं क्योंकि हमारी उम्मीदें बहुत ऊंची थीं, हालांकि हमें यह मानना ​​होगा कि हम तकनीकी रूप से अपने खेल के स्तर से थोड़ा नीचे थे और ऐसी टीम का सामना कर रहे थे जिसने वास्तव में खेल पर अपनी पकड़ बना रखी थी.'

उन्होंने आगे कहा, 'यह मुख्य रूप से हमारी अपनी गलती है. हम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए और अटैक में उतने खतरनाक नहीं थे जितने हो सकते थे. हमने पासिंग में कुछ तकनीकी गलतियां कीं जिनसे गोल करने के मौके बन सकते थे. यही सच्चाई है, भले ही यह दुखद हो. हमने उस तरह से फुटबॉल नहीं खेला जैसा हम खेलना पसंद करते हैं, और हम इसका खामियाजा भुगत रहे हैं.'